Badlaav Script सीन – 1 Int.Room.Night एक शराबी कंधे पर अपना कोट टंगे एक घर की और आता है जिसके एक हाथ मे शराब की बोतल होती है और वह एक घर के पास आकर रुकता है और घर की घंटी बजाता है जैसे ही अंदर का दरवाजा खुलता है वह आदमी सामने खडी औरत को जबर्दस्त खीचकर एक थप्पड मार देता है और वह औरत वही जमीन पर गीर जाती है। आदमी (नशे मे): (दारू की बोतल को जमीन पर मारते हुए) कमीनी तेरे बाप ने दहेज मे क्या दिया एक फुटी-कोडी भी नही दी और तेरे को यहाँ पलने के लिए छोड दिया। औरत : (रोते हुए) मेरे पिता जी ने आपकी सारी मांगे पुरी की थी खाने से लेकर कपडे से तक। आदमी : (नीचे बैठते हुए नशे मे) एक और थप्पड मारता है और मुहँ पर ऊँगली रखते हुए Shhh ............. साली जवान लडाती है मुझसे , कमीनी सारा नशा ही उतार दिया। और वह वहाँ से अंदर चला जाता है जाकर पलंग पर नशे की हालत मे गिर (सो)जाता है। (कट) सीन – 2 Int.Room.Morning सुबह का नजारा है फोन की घंटी बज रही है वहाँ से एक बुढा सा आदमी फोन उठाने के लिए आता है जैसे ही वह फोन उठाता इतन...
Short Film: वक्त सीन 01 एक बड़ा सा घर है वहाँ एक आदमी रहता है जो अपने कमरे मे है जिसका नाम आयुष है और वही एक और औरत , घर के दरवाजे की घंटी बजाती है जिसका नाम दृष्टि होता है वह दो तीन बार बजाती है एक आवाज आती है आयुष : कौन है ? दृष्टि : अरे बाबा गेट खोलो आयुष : कौन ? दृष्टि : तुम्हारी पत्नी , जल्दी खोलो आयुष : दरवाजा खोलता है दृष्टि : बड़ी खुशी के साथ हग करती हुई : इतना टाइम कहाँ लगा दिया ……. ऊपर से पुछ रहे हो कौन ? आयुष : कही नहीं , बस एसे ही दृष्टि : शक की नजरों से देखते हुए : कही तुमने रात को ज्यादा चड़ा तो नही ली , जो ऐसा आज बिहेव कर रहे हो वो अंदर लेकर आयुष को आती है | (कट) सीन 02 दृष्टि और आयुष कमरे के अंदर है वे टीवी देख रहे है दृष्टि : आयुष …... पता नही आज तुम , इतने बदले - बदले क्यो लग रहे हो ? आयुष : नही तो …. बस ऑफिस के काम से थोड़ा परेशान हूँ दृष्टि : आयुष के सर पर हाथ फेरहते हुए : चलो टेंशन न लो , मे हूँ ….. ये बात छोड़ो , कल रात को , क्या बनाया था तुमने ? मुझे बहुत ते...